दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक (ख़ादिम अल-हरमैन अल-शरीफ़ैन) के उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के तीसरे दल के पहले मेहमान मदीना पहुंच गए हैं। इस्लामी मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उमरा अदा करने के लिए मक्का जाने से पहले वे मस्जिद-ए-नबवी और कई इस्लामी व ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे।
पहले पहुंचे मेहमान मिस्र, तंज़ानिया, आइवरी कोस्ट और ट्यूनीशिया से हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वे मेहमानों को ऐसी सेवाएं और सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनसे वे आसानी और सुकून के साथ अपने अरकान और ज़ियारतें पूरी कर सकें।
तीसरे दल में अफ़्रीका के 23 देशों के 250 पुरुष और महिला उमरा यात्री शामिल हैं: मिस्र, मोरक्को, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, सेनेगल, गिनी कोनाक्री, कैमरून, नाइजीरिया, घाना, नाइजर, इथियोपिया, रवांडा, मॉरिटानिया, आइवरी कोस्ट, बुर्किना फ़ासो, चाड, तंज़ानिया, जिबूती, दक्षिण अफ़्रीका, ज़ाम्बिया, नामीबिया, अंगोला और माली।
मदीना में मंत्रालय के कार्यक्रम में मस्जिद-ए-नबवी और रौज़ा शरीफ़, मस्जिद-ए-क़ुबा, उहुद पर्वत, उहुद के शहीदों का क़ब्रिस्तान, किंग फ़हद क़ुरआन मुद्रण परिसर तथा पैग़ंबर की सीरत और इस्लामी सभ्यता की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी व संग्रहालय का दौरा शामिल है।
इसके बाद मेहमान उमरा के लिए मक्का जाएंगे और काबा का ग़िलाफ़ (किस्वा) बनाने वाले कारख़ाने, वह्य प्रदर्शनी और कई इस्लामी स्थलों का दौरा करेंगे। यह एक शैक्षिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का हिस्सा है, जो इस्लाम और मुसलमानों की सेवा तथा दोनों पवित्र मस्जिदों और उनके ज़ायरीन की देखभाल में सऊदी अरब के प्रयासों को दर्शाता है।


