सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने 23-24 अगस्त 2026 को फ़्रांस की राजकीय यात्रा की और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ आधिकारिक वार्ता की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक संबंधों की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया और सऊदी-फ़्रांसीसी रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की, जिसकी घोषणा दिसंबर 2024 में मैक्रों की सऊदी यात्रा के दौरान हुई थी।

बयान में दोनों पक्षों ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित करने वाले कूटनीतिक समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और ईरान से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर हमलों की निंदा की और वहाँ नौवहन को 28 फ़रवरी 2026 से पहले की सामान्य स्थिति में, बिना किसी शुल्क या पारगमन प्रतिबंध के, बहाल करने पर ज़ोर दिया।

फ़िलिस्तीन पर दोनों पक्षों ने हमास के निरस्त्रीकरण से जुड़े समझौते की घोषणा का स्वागत किया, गाज़ा में स्थायी युद्धविराम और बिना बाधा मानवीय सहायता की माँग की, और 1967 की सीमाओं पर स्वतंत्र फ़िलिस्तीनी राज्य के अधिकार का समर्थन किया। बयान में इज़राइली बस्ती नीति और बसने वालों की हिंसा को रोकने तथा लेबनान की पूरी भूमि से इज़राइली सेना की वापसी की माँग की गई।

यमन के संबंध में दोनों पक्षों ने राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद का समर्थन किया और सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे तथा वाणिज्यिक जहाज़ों पर हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की। फ़्रांस ने सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।

आर्थिक मोर्चे पर बयान के अनुसार 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 11.8 अरब डॉलर रहा। दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग घोषणा अपनाई, पेरिस के निकट सर्जी-पोंतोआज़ में लगभग 6 अरब यूरो तक की क़िद्दिया परियोजना की संभावनाएँ तलाशने वाले ज्ञापन का स्वागत किया, अल-उला साझेदारी को 2035 तक बढ़ाया और निवेश गोलमेज़ में 21 समझौतों व ज्ञापनों की घोषणा का स्वागत किया। फ़्रांस की रियाद एक्सपो 2030 में भागीदारी का भी स्वागत किया गया।