डेनमार्क ने सऊदी अरब पर आतंकवादी हूती मिलिशिया के हमलों की कड़ी निंदा की है, जिनमें नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं। साथ ही उसने व्यापारिक जहाज़रानी को दी जा रही धमकियों की भी निंदा की।

संयुक्त राष्ट्र में डेनमार्क की स्थायी प्रतिनिधि ने अपने संबोधन में यमन के कई मोर्चों पर तेज़ होती लड़ाई और यमनी जनता की बढ़ती मानवीय पीड़ा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस तनाव के लिए हूतियों को पूरी तरह ज़िम्मेदार ठहराया और उनसे सभी हमले तुरंत रोकने को कहा।

डेनमार्क की राजदूत ने कहा कि ईरान का हूतियों को लंबे समय से मिल रहा समर्थन उन्हें हमले जारी रखने में सक्षम बनाता है। इससे न केवल संकट गहराता है और यमन में शांति के प्रयास कमज़ोर होते हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के और अस्थिर होने का खतरा भी पैदा होता है। उन्होंने हूतियों की विनाशकारी क्षमताओं पर प्रभावी रोक के लिए अधिक प्रयासों की ज़रूरत बताई।

उन्होंने हूतियों को हथियारों के अवैध हस्तांतरण और सैन्य समर्थन को प्रभावी ढंग से रोकने पर ज़ोर दिया और अगले महीने अपेक्षित प्रतिबंधों के नवीनीकरण तथा उनके अधिक प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद जताई।

डेनमार्क के अनुसार हूतियों की गतिविधियों के कारण संयुक्त राष्ट्र देश के बड़े हिस्सों में काम करने और सबसे ज़रूरतमंद यमनियों की मदद करने में असमर्थ हो गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून भी शामिल है, के पूर्ण पालन पर ज़ोर दिया।

राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में व्यापक राजनीतिक प्रक्रिया को संघर्ष का एकमात्र स्थायी समाधान बताया और हूतियों से हमले तुरंत रोकने, रचनात्मक रूप से जुड़ने और यमनी जनता की लंबे समय से चली आ रही गहरी मानवीय पीड़ा को समाप्त करने का आह्वान किया।