दो पवित्र मस्जिदों के ख़ादिम (ख़ादिम अल-हरमैन अल-शरीफ़ैन) के उमरा और ज़ियारत कार्यक्रम के 1448 हिजरी के चौथे समूह के मेहमानों ने आज मक्का मुकर्रमा से अपने देशों की ओर लौटना शुरू कर दिया। यह कार्यक्रम इस्लामी मामलों, दावा और मार्गदर्शन मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है और इस समूह में एशिया और ओशिनिया के 21 देशों के 250 पुरुष और महिला उमरा यात्री शामिल थे।

मदीना मुनव्वरा में मेहमानों ने मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ अदा की, पैग़ंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) और उनके दोनों साथियों को सलाम पेश किया और रौज़ा शरीफ़ में नमाज़ पढ़ी। उन्होंने मस्जिद क़ुबा, उहुद पर्वत, उहुद के शहीदों के क़ब्रिस्तान, क़ुरआन की छपाई के लिए किंग फ़हद कॉम्प्लेक्स और पैग़ंबर की जीवनी व इस्लामी सभ्यता की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं संग्रहालय का भी दौरा किया।

मक्का में उन्होंने उमरा के अरकान पूरे किए, काबा के ग़िलाफ़ के लिए किंग अब्दुलअज़ीज़ कॉम्प्लेक्स में किस्वा बनने के चरण देखे, 'वह्य' प्रदर्शनी देखी और कई जागरूकता कार्यक्रमों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया।

रवाना होने से पहले मेहमानों ने गर्मजोशी भरे स्वागत, मेहमाननवाज़ी और पूरी अवधि में मिली देखभाल के लिए आभार जताया। उन्होंने ख़ादिम अल-हरमैन अल-शरीफ़ैन शाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ आल सऊद और क्राउन प्रिंस व प्रधानमंत्री महामहिम शहज़ादा मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ आल सऊद को इस्लाम और मुसलमानों की सेवा के लिए धन्यवाद दिया तथा आगमन से प्रस्थान तक सेवाएँ देने वाले मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।