अरब बिजली मंत्रिस्तरीय परिषद का 16वां सत्र आज रियाद में हुआ, जिसकी अध्यक्षता परिषद के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में सऊदी अरब ने की। इसमें कई अरब देशों के बिजली और ऊर्जा मंत्री, उनके प्रतिनिधिमंडल, अरब लीग के महासचिवालय और संबंधित अरब संगठनों व संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

यह बैठक विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस के दौरान हुई, जिसकी मेज़बानी सऊदी अरब “रियाद ऊर्जा सप्ताह” के तहत कर रहा है। यह आयोजन गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर अरब साझा बिजली बाज़ार से जुड़े दो समझौतों पर हस्ताक्षर और अनुमोदन की स्थिति, तथा अरब मशरिक़ देशों—जॉर्डन, सऊदी अरब और मिस्र—के बीच ऊर्जा आदान-प्रदान की पायलट परियोजना रही।

परिषद ने नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ हाइड्रोजन में अरब सहयोग, डिस्ट्रिक्ट कूलिंग के अर्थशास्त्र और तकनीकों पर अनुभव साझा करने के कार्यक्रम, और ऊर्जा उत्पादन व उपयोग की दक्षता से जुड़े अरब कार्यक्रमों पर भी विचार किया।

यह सत्र बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में अरब सहयोग बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत करने, बिजली ग्रिडों के एकीकरण और अरब देशों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान के प्रयासों का हिस्सा है।