सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री तथा उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री, हिज़ रॉयल हाइनेस प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने आज रियाद में पच्चीसवीं विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस का उद्घाटन किया। इस बार का विषय है 'सबके लिए ऊर्जा भविष्य की राहें'। समारोह में देश, क्षेत्र और दुनिया भर के वरिष्ठ अधिकारी, कंपनियों के शीर्ष अधिकारी, निवेशक और ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल हुए।
90 से अधिक वर्षों के इतिहास में पहली बार सऊदी अरब इस कांग्रेस की मेज़बानी कर रहा है। यह आयोजन 15 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें आपूर्ति सुरक्षा, बाज़ार, निवेश, तकनीक, नवाचार, स्थिरता और मानव क्षमता विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
अपने उद्घाटन भाषण में प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ ने कहा कि सऊदी अरब मौजूदा चुनौतियों से पार पाएगा, अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाते हुए अपने विज़न की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र और देश में हाल की घटनाओं, आपूर्ति मार्गों पर दबाव और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने ने दिखा दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा को पक्का मानकर नहीं चला जा सकता। उनके अनुसार लचीलापन संकट से पहले तैयार किया जाता है, इसलिए सऊदी अरब ने दशकों तक बुनियादी ढांचे, अतिरिक्त क्षमता, भंडारण, वैकल्पिक निर्यात मार्गों और स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं में निवेश किया है।
उन्होंने स्थानीयकरण को केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं बल्कि एक रणनीतिक क्षमता बताया और ज़ोर दिया कि सबके लिए ऊर्जा सुरक्षा के बिना सबके लिए ऊर्जा भविष्य नहीं हो सकता, तथा ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन साथ-साथ चलने चाहिए। सऊदी विज़न 2030 के तहत देश तेल और गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली ग्रिड, भंडारण और कम उत्सर्जन वाले समाधानों में निवेश जारी रखेगा।
डब्ल्यूपीसी एनर्जी के अध्यक्ष ने वैश्विक ऊर्जा प्रणालियों के विकास में सऊदी अरब की अग्रणी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता के लिए आवश्यक है, ऊर्जा परिवर्तन की सफलता के लिए निरंतर निवेश चाहिए, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण, नए ईंधन तथा कार्बन भंडारण तकनीकें इस क्षेत्र का भविष्य तय करेंगी।


