जॉर्डन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस अध्यक्षीय बयान का स्वागत किया है, जिसमें सऊदी अरब पर आतंकवादी हूती समूह के हमलों की निंदा की गई है। इनमें नागरिकों, नागरिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और ऊर्जा ढाँचे पर हुए हमले तथा लाल सागर और बाब अल-मंदेब में समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए लगातार बने ख़तरे शामिल हैं।

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने बयान के महत्व पर ज़ोर दिया, जिसमें सुरक्षा परिषद के 2015 के प्रस्ताव संख्या 2216 और उसके बाद के संबंधित प्रस्तावों को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, तथा हूती मिलिशिया को हथियार और अन्य प्रकार का समर्थन मिलने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया है।

मंत्रालय ने किंगडम पर हूती मिलिशिया के हमलों की जॉर्डन की ओर से निंदा दोहराई और इन्हें सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन, उसकी सुरक्षा व स्थिरता के लिए ख़तरा तथा अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया।

मंत्रालय ने सऊदी अरब के साथ जॉर्डन की पूर्ण एकजुटता दोहराई और अपनी सुरक्षा, संप्रभुता, स्थिरता और संसाधनों तथा अपने नागरिकों और निवासियों की सलामती की रक्षा के लिए किंगडम द्वारा उठाए जाने वाले हर कदम के प्रति समर्थन व्यक्त किया।