अरब देशों के संगठन अरब लीग ने आतंकवादी हूती समूह द्वारा अदन में यमनी सरकार के मुख्यालय मआशिक़ महल, अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और मारिब शहर के रिहायशी इलाकों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में लोग मारे गए और घायल हुए तथा आम नागरिकों की जान गंभीर खतरे में पड़ गई।
एक बयान में लीग ने इन हमलों को “बेहद खतरनाक तनाव-वृद्धि” और अंतरराष्ट्रीय कानून व अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। लीग के अनुसार सरकारी संस्थानों और नागरिक ठिकानों को लगातार निशाना बनाना तनाव बढ़ाने पर अड़े रहने को दर्शाता है, जिससे यमन की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा है और शांति तथा राजनीतिक समाधान के प्रयास कमजोर होते हैं।
लीग ने यमन की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता तथा यमनी सरकार और वैध राजकीय संस्थानों के प्रति अपने समर्थन को दोहराया। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों को रोकने, ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने और नागरिकों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
लीग ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्षीय बयान का भी स्वागत किया, जिसमें हूतियों के बढ़ते हमलों की निंदा की गई थी और नागरिकों व नागरिक ठिकानों पर हमले तुरंत रोकने की मांग की गई थी। लीग ने सहमत आधारों और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, खासकर प्रस्ताव 2216, के अनुरूप व्यापक राजनीतिक समाधान के लिए अरब और अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज़ करने पर ज़ोर दिया।
लीग ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और यमनी सरकार तथा यमन की जनता के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की।
