सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान बिन अब्दुल्लाह को दो अलग-अलग फ़ोन कॉल आए — एक क़तर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी का और दूसरा कुवैत के विदेश मंत्री का।
बातचीत में क्षेत्र के ताज़ा हालात पर चर्चा हुई और सऊदी अरब के नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले “आतंकवादी हूती मिलिशिया” के “बर्बर हमलों” की फिर से निंदा की गई।
दोनों कॉल में क्षेत्रीय घटनाक्रम और भाईचारे वाले देशों के बीच प्रयास, तालमेल और परामर्श जारी रखने के महत्व पर भी बात हुई, ताकि खाड़ी देशों की साझा कार्रवाई मज़बूत हो और क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता बनी रहे।
ये बातचीत ऐसे समय हुई है जब आतंकवादी हूती समूह सऊदी अरब के नागरिक प्रतिष्ठानों पर आतंकी हमले कर रहा है।
