सऊदी अरब के संचार, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी आयोग (CST) ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के साथ मिलकर आज अंतरिक्ष संपर्क और स्थिरता पर वैश्विक आयोजन की शुरुआत की। 'जुड़ी हुई दुनिया, टिकाऊ अंतरिक्ष' थीम वाला यह आयोजन संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तथा आयोग के बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल्लाह अल-स्वाहा के संरक्षण में हो रहा है और 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
आयोग के गवर्नर ने उद्घाटन भाषण में कहा कि गैर-स्थलीय नेटवर्क का विस्तार और अंतरिक्ष की स्थिरता एक-दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते। पहली बार गैर-स्थलीय नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय फ़ोरम और अंतरिक्ष स्थिरता फ़ोरम एक साथ हो रहे हैं, और दोनों का यह तीसरा संस्करण है।
उन्होंने ताज़ा अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि अगले दशक में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था दोगुने से ज़्यादा बढ़कर 2035 तक 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच जाएगी। 2025 रिकॉर्ड वर्ष रहा, जब अंतरिक्ष कंपनियों में दुनिया भर में 60 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जबकि सऊदी अरब में इस क्षेत्र में लगभग 180 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ। सऊदी अरब की SpaceUp प्रतियोगिता में 54 देशों से 700 प्रविष्टियाँ आईं।
गवर्नर ने चेताया कि अनुमान के मुताबिक़ हर दिन लगभग 10 नए उपग्रह और अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित हो रहे हैं, जिससे स्पेक्ट्रम और कक्षीय संसाधनों पर दबाव और टकराव का ख़तरा बढ़ रहा है, इसलिए मज़बूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग ज़रूरी है।
ITU की महासचिव डोरीन बोगदान-मार्टिन ने कहा कि अधिक देशों तक अंतरिक्ष तकनीक का लाभ पहुँचाने के लिए सहयोग बढ़ाना होगा। उन्होंने बताया कि पिछले दिसंबर में ITU को 14 प्रस्तावित उपग्रह समूहों के तहत 200 हज़ार से अधिक उपग्रहों के आवेदन मिले। उन्होंने मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ानों, उपग्रह विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान में सऊदी अरब की क्षमताओं की सराहना की।


