सऊदी डेटा एवं आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस प्राधिकरण (SDAIA) ने दिव्यांगजन देखभाल प्राधिकरण के अधीन दिव्यांगजनों की राष्ट्रीय रजिस्ट्री को राष्ट्रीय डेटा बैंक से जोड़ दिया है। SDAIA के राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन कार्यालय के प्रमुख के अनुसार, इससे स्वीकृत ढांचे और अनुमतियों के तहत रजिस्ट्री के डेटा का एकीकरण और उपयोग संभव होगा।
आज दिव्यांगता एवं पुनर्वास पर सातवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य पैनल सत्र में उन्होंने कहा कि डेटा गवर्नेंस डेटा के उपयोग में बाधा नहीं, बल्कि उसे संभव बनाने वाला आधार है, जो डेटा को सेवाएं तैयार करने और निर्णय लेने में मदद के लिए तैयार करता है। यह सम्मेलन दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के संरक्षण में किंग सलमान दिव्यांगता अनुसंधान केंद्र द्वारा 11 से 13 अक्टूबर तक इंटरकॉन्टिनेंटल रियाद – किंग फ़ैसल कॉन्फ़्रेंस सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री का डेटा राष्ट्रीय डेटा तंत्र का हिस्सा है और स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और सामाजिक सेवाओं में बंटा हुआ है; इसे एक साथ लाने से अधिक भरोसेमंद और पूरी तस्वीर मिलती है। ज़िम्मेदारी इस डेटा की सुरक्षा, गुणवत्ता और अद्यतन सुनिश्चित करने तथा तय अनुमतियों और उद्देश्यों के अनुसार उस तक पहुंच और उपयोग को नियंत्रित करने की है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस नीतियों और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस व जनरेटिव AI के सिद्धांतों और नैतिकता पर आधारित नियामक ढांचे के ज़रिए राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस प्रणाली बनाई है। इसे लागू करने के लिए सरकारी संस्थाओं में 314 से अधिक डेटा प्रबंधन कार्यालय बनाए गए हैं, और एक राष्ट्रीय डेटा सूचकांक संस्थाओं की डेटा प्रबंधन परिपक्वता और नियमों के पालन को मापता है।
उनके अनुसार राष्ट्रीय डेटा बैंक 600 से अधिक सरकारी प्रणालियों को जोड़ता है और सरकारी एकीकरण चैनल भी इससे जुड़ा है; दिव्यांगजन रजिस्ट्री इन्हीं प्रणालियों में से एक है। इस एकीकरण से रजिस्ट्री किसी व्यक्ति का डेटा दोबारा एकत्र किए बिना सीधे स्वीकृत राष्ट्रीय स्रोतों से प्राप्त कर सकती है, जिससे उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ती है और निजता की रक्षा होती है।

