रियाद आर्थिक फ़ोरम का 12वाँ सत्र कल दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक शाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ आल सऊद के संरक्षण में शुरू होगा। शाह की ओर से रियाद क्षेत्र के गवर्नर और फ़ोरम के मानद अध्यक्ष महामहिम प्रिंस फ़ैसल बिन बंदर बिन अब्दुलअज़ीज़ इसका उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर अधिकारी, विशेषज्ञ तथा सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।

इस सत्र में प्राथमिकता वाले आर्थिक और विकास संबंधी मुद्दों पर पाँच अध्ययन पेश किए जाएँगे। पहला अध्ययन बताता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य प्रभावी तकनीकों से स्मार्ट खेती को कैसे बढ़ाया जाए, ताकि सऊदी अरब की खाद्य और जल सुरक्षा मज़बूत हो। दूसरा अध्ययन स्थानीय कर्मियों तक ज्ञान और अनुभव पहुँचाने तथा उसे स्थानीय बनाने की रणनीतियों और सऊदी संस्थानों के प्रदर्शन पर उनके असर की पड़ताल करता है।

तीसरा अध्ययन बड़े शहरों में ट्रैफ़िक जाम के कारणों, प्रभावों और ऐसे समाधानों पर केंद्रित है जो शहरी परिवहन को बेहतर बनाकर उसके आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय नुक़सान को कम कर सकें।

चौथा अध्ययन सतत विकास और सऊदी विज़न 2030 पर क़ानूनों और सार्वजनिक नीतियों के असर को मापने के साधन विकसित करने से जुड़ा है। पाँचवाँ अध्ययन यह देखता है कि एक्सपो 2030 और फ़ीफ़ा विश्व कप 2034 की मेज़बानी से अधिकतम आर्थिक और सामाजिक लाभ कैसे उठाया जाए और इन्हें निवेश, स्थानीय उत्पादन, आर्थिक विविधता और निजी क्षेत्र के अवसरों में कैसे बदला जाए।

यह फ़ोरम 2003 से आयोजित हो रहा है और इसके पिछले सत्रों की सिफ़ारिशों ने विकास से जुड़े कई फ़ैसलों में योगदान दिया है।