दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के संरक्षण में और उनकी ओर से, रियाद क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस फ़ैसल बिन बंदर बिन अब्दुलअज़ीज़ ने आज सातवें अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता एवं पुनर्वास सम्मेलन का उद्घाटन किया। किंग सलमान सेंटर फ़ॉर डिसेबिलिटी रिसर्च द्वारा आयोजित यह सम्मेलन 11 से 13 अक्टूबर 2026 तक रियाद के इंटरकॉन्टिनेंटल होटल में हो रहा है।
गवर्नर का स्वागत किंग सलमान के विशेष सलाहकार, केंद्र के न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष और सम्मेलन के अध्यक्ष प्रिंस सुल्तान बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने किया। इसके बाद उन्होंने शोध केंद्रों, विश्वविद्यालयों और दिव्यांगजनों के लिए काम करने वाली संस्थाओं की प्रदर्शनी देखी। प्रिंस फ़ैसल ने कहा कि सऊदी नेतृत्व ऐसे हर प्रयास का समर्थन करता है जिससे दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक बदलाव आए।
अपने संबोधन में प्रिंस सुल्तान ने सम्मेलन को संरक्षण देने और दिव्यांगता से जुड़े शोध को लगातार समर्थन देने के लिए किंग सलमान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सातवाँ संस्करण नई और महत्वाकांक्षी दिशा के साथ शुरू हुआ है और केंद्र का कार्यक्रम देश-विदेश के अस्पतालों व शोध केंद्रों के साथ मिलकर व्यावहारिक नतीजों पर केंद्रित है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्टेम सेल जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग पर ज़ोर दिया।
इसके बाद प्रिंस फ़ैसल ने किंग सलमान अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता शोध पुरस्कार के चौथे संस्करण के विजेताओं को सम्मानित किया। इस पुरस्कार को छह महाद्वीपों के 111 देशों से पाँच श्रेणियों में 770 नामांकन मिले थे, जिनमें स्वास्थ्य व चिकित्सा विज्ञान से लेकर सार्वभौमिक पहुँच तक शामिल हैं।
तीन दिन के कार्यक्रम में जीनोमिक शोध, विकास संबंधी विकार, सहायक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर सत्र होंगे। दिव्यांगजनों के लिए एआई हैकाथॉन में 159 टीमें विशेषज्ञों की निगरानी में सात सप्ताह के एक्सेलरेशन चरण तक पहुँचीं और अब निर्णायकों के सामने अपनी परियोजनाएँ पेश करेंगी।


