सऊदी अरब के जाज़ान क्षेत्र में 2026 की पहली छमाही के दौरान उपभोक्ताओं ने पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) मशीनों के ज़रिए लगभग 9.2 अरब रियाल ख़र्च किए। जाज़ान चैंबर की रिपोर्ट के अनुसार यह ख़र्च लगभग 195.9 मिलियन लेनदेन में हुआ और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.58% यानी 143.4 मिलियन रियाल बढ़ा।

चैंबर के परामर्श, आर्थिक अनुसंधान और सूचना विभाग की इस रिपोर्ट के मुताबिक़ नामित गतिविधियों में खाद्य और पेय पदार्थ सबसे आगे रहे, जिनका हिस्सा 19.78% यानी लगभग 1.82 अरब रियाल रहा। इसके बाद रेस्तरां और कैफ़े (1.34 अरब रियाल से अधिक, 14.56%), कपड़े और जूते (लगभग 727 मिलियन रियाल, 7.90%), ईंधन स्टेशन (लगभग 726 मिलियन रियाल, 7.89%) और विविध वस्तुएं व सेवाएं (लगभग 709 मिलियन रियाल, 7.71%) रहीं। 'अन्य' श्रेणी का हिस्सा लगभग 1.84 अरब रियाल यानी 19.97% रहा।

सालाना वृद्धि में कपड़े और जूते 41.70% के साथ सबसे आगे रहे, उसके बाद आभूषण (38.35%), इलेक्ट्रॉनिक और बिजली उपकरण (23.25%), खाद्य और पेय पदार्थ (12.72%) और शिक्षा (8.74%) का स्थान रहा। दूसरी ओर विविध वस्तुओं व सेवाओं में 41.37%, स्वास्थ्य में 13.72%, होटलों में 7.11%, परिवहन में 6.14% और ईंधन स्टेशनों में 5.12% की गिरावट दर्ज हुई।

लेनदेन की संख्या 2025 की पहली छमाही के लगभग 184.6 मिलियन से बढ़कर 2026 की इसी अवधि में लगभग 195.9 मिलियन हो गई, यानी करीब 6.1% की वृद्धि, जो ख़र्च की कुल राशि की वृद्धि से कहीं तेज़ है। रिपोर्ट के अनुसार इससे POS के बढ़ते इस्तेमाल का पता चलता है, इसलिए प्रति लेनदेन औसत राशि पर भी नज़र रखना ज़रूरी है।

आर्थिक प्रतिफल सूचकांक में ईंधन स्टेशन 37.1% हिस्सेदारी और प्रति वाणिज्यिक पंजीकरण लगभग 2.66 मिलियन रियाल के औसत लेनदेन मूल्य के साथ पहले स्थान पर रहे। इसके बाद दूरसंचार (9.3%), आभूषण (9%), स्वास्थ्य (8.9%) और मनोरंजन व संस्कृति (5.2%) रहे। रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े ज़रूरी नहीं कि शुद्ध मुनाफ़ा दर्शाएं।

रिपोर्ट ने निवेशकों को सलाह दी कि वे केवल वृद्धि या गिरावट की दर पर निर्भर रहने के बजाय मांग, वृद्धि दर और औसत लेनदेन मूल्य को क्रय शक्ति, परिचालन लागत और प्रतिस्पर्धा के साथ जोड़कर अवसरों का आकलन करें।