सऊदी अरब में यमन गणराज्य के राजदूत सालिम सालेह बिन बुरैक ने दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ आल सऊद और क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ आल सऊद के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने यमनी जनता के प्रति सऊदी नेतृत्व की देखभाल और ध्यान की सराहना की।
सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) के अनुसार राजदूत ने कहा: “यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलीमी के अनुरोध पर, सऊदी अरब में अनियमित रूप से मौजूद यमनियों की स्थिति सुधारने के लिए दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक के निर्देश, यमन और उसकी जनता के प्रति सऊदी अरब के दृढ़ भाईचारे और मानवीय रुख़ का ही विस्तार हैं।”
उन्होंने आगे कहा: “यह निर्देश दोनों देशों और दोनों भाईचारे वाले लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है, और ख़ासकर उन असाधारण परिस्थितियों में, जिनसे यमनी जनता गुज़र रही है, सऊदी नेतृत्व की ओर से यमन को मिल रहे निरंतर समर्थन का प्रतीक है।”
राजदूत बिन बुरैक ने कहा कि सऊदी अरब हर दौर में यमन का सबसे क़रीबी सहारा रहा है और यह रिश्ता आधिकारिक दायरे से आगे बढ़कर गहरे सामाजिक और मानवीय बंधनों तक फैला है। उन्होंने इस मामले में डॉ. अल-अलीमी के प्रयासों की भी सराहना की।
राजदूत ने संबंधित यमनी नागरिकों से इस पहल का लाभ उठाने और जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों व नियमों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि रियाद स्थित यमनी दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखेगा और प्रक्रियाओं तथा कांसुलर सेवाओं की जानकारी मिलते ही नागरिकों को सूचित करेगा।
सऊदी अरब में रह रहे यमनी समुदाय के लिए यह घोषणा अहम है, क्योंकि प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण अभी आधिकारिक रूप से जारी होना है।
