यमन सरकार ने रियाद स्थित किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की है और सऊदी अरब के नेतृत्व, सरकार और जनता के साथ पूर्ण तथा अटल एकजुटता व्यक्त की है।
एक बयान में सरकार ने इस हमले को खतरनाक शत्रुतापूर्ण उकसावा बताया, जो आतंकवादी हूती मिलिशिया की सऊदी अरब की सुरक्षा को खतरे में डालने, नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने और आम नागरिकों की जान जोखिम में डालने की ज़िद को दर्शाता है। बयान के अनुसार हवाई अड्डों और नागरिक सुविधाओं पर हमला देशों की सुरक्षा और स्थिरता पर अस्वीकार्य आघात तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का उल्लंघन है।
बयान में कहा गया कि यह हमला एक बार फिर इस मिलिशिया के आक्रामक स्वभाव को उजागर करता है, जो ईरानी एजेंडे और उसकी विनाशकारी परियोजनाओं के लिए क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता की नींव पर अपने खतरे लगातार बढ़ा रही है।
यमन सरकार ने ज़ोर देकर कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा यमन और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से अलग नहीं की जा सकती। उसके क्षेत्र या नागरिक प्रतिष्ठानों पर कोई भी हमला क्षेत्र के लोगों के सुरक्षा, स्थिरता, आवाजाही की स्वतंत्रता और हवाई यात्रा की सुरक्षा के अधिकार पर हमला है। सरकार ने कहा कि ऐसे हमले दोनों देशों के भाईचारे और साझा भविष्य को कमज़ोर नहीं कर सकते और यमन अपनी सुरक्षा, सुविधाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए सऊदी अरब के हर कदम के साथ है।
यमन सरकार ने दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद और महामहिम क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के नेतृत्व में सऊदी अरब की उस अहम भूमिका की फिर सराहना की, जो वह यमन और उसके वैध नेतृत्व के समर्थन, यमनी जनता को अपना राज्य और संस्थाएँ बहाल करने में मदद और क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने में निभा रहा है।
