सऊदी अरब में पर्यवेक्षकों ने आज भोर में सफ़र 1448 हिजरी का अंतिम चतुर्थांश (लास्ट क्वार्टर) चंद्रमा देखा। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार यह चंद्र चक्र के मुख्य चरणों में से एक है, जिसमें चंद्रमा का आधा दिखाई देने वाला भाग रोशन और बाकी आधा अंधेरे में रहता है। साफ़ आसमान में यह दृश्य नंगी आँखों से स्पष्ट दिखता है।
स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी क्लब के सदस्य अदनान ख़लीफ़ा ने बताया कि इस चरण में चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर अपनी कक्षा का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा तय कर चुका होता है। अब यह आधी रात के बाद उगता है और लगभग दोपहर तक दिखाई देता है।
उन्होंने समझाया कि चंद्रमा की कलाएँ हर 29.5 दिन में दोहराई जाती हैं। पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान यह अमावस्या से प्रथम चतुर्थांश, पूर्णिमा और फिर अंतिम चतुर्थांश तक पहुँचता है।
ख़लीफ़ा के अनुसार ये कलाएँ खगोल विज्ञान के साथ-साथ इस्लामी कैलेंडर के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।


