किंग अब्दुल्लाह यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (KAUST) की स्नातक डॉ. रवान अल-ग़ामदी और डॉ. बनान अल-हाज़मी को सऊदी महिलाओं के लिए इब्न ख़लदून फ़ेलोशिप मिली है। यह फ़ेलोशिप मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (MIT) किंग अब्दुलअज़ीज़ सिटी फ़ॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (KACST) के साथ साझेदारी में देता है।
डॉ. रवान अल-ग़ामदी गैर-स्थलीय वायरलेस संचार तकनीकों पर काम कर रही हैं। उनका शोध कम ऊर्जा खपत के साथ सिग्नल रिसेप्शन सुधारने पर है, ताकि दूरदराज़ इलाकों में कवरेज बढ़े और ज़मीनी ढांचा ठप होने पर भी संचार जारी रहे।
डॉ. बनान अल-हाज़मी पॉलिमर मेम्ब्रेन विकसित कर रही हैं, जो पारंपरिक औद्योगिक प्रक्रियाओं की तुलना में कम ऊर्जा से गैसों और अणुओं को अलग करती हैं। इससे ऊर्जा, जल और रसायन उद्योगों की स्थिरता को बल मिलेगा।
दोनों शोधकर्ताओं ने KAUST के शोध वातावरण की सराहना की, जिसने उनकी वैज्ञानिक क्षमताओं को निखारा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रास्ते खोले। उन्होंने अपने ज्ञान को सऊदी अरब की सेवा और सऊदी विज़न 2030 के लक्ष्यों के लिए लगाने की इच्छा जताई।
यह फ़ेलोशिप उत्कृष्ट सऊदी महिला शोधकर्ताओं को MIT में पोस्टडॉक्टरल शोध का अवसर देती है, जिससे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में उनकी मौजूदगी मज़बूत होती है।
