सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा है कि जो निवासी (रेज़िडेंट) हज के लिए परमिट लेने की शर्त का उल्लंघन करेंगे, उन पर 20,000 रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा, उन्हें देश से निकाला जाएगा और 10 साल तक राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हज अदा करने के लिए वैध हज परमिट प्राप्त करना एक बुनियादी शर्त है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, मंत्रालय ने सभी से इस वर्ष (1447 हिजरी) के हज सीज़न के नियमों का पालन करने और हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। नियम तोड़ने वालों पर क़ानूनी दंड लागू होंगे।
मंत्रालय ने लोगों से उल्लंघन की सूचना देने का भी आग्रह किया है: मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 नंबर पर, और राज्य के बाकी क्षेत्रों में 999 नंबर पर।
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों के लिए यह चेतावनी विशेष रूप से अहम है: हज का इरादा रखने वाले निवासियों को पहले आधिकारिक परमिट ज़रूर लेना चाहिए, ताकि वे भारी दंड से बच सकें।
