सऊदी रेड क्रिसेंट अथॉरिटी की मदीना क्षेत्र की एम्बुलेंस टीमों ने एक 40 वर्षीय नाइजीरियाई उमरा यात्री की जान बचा ली, जिनके दिल की धड़कन और सांस मस्जिद-ए-नबवी के प्रांगण में अचानक रुक गई थी। SPA के अनुसार, गुरुवार शाम टीमों ने केवल 32 सेकंड में त्वरित और पेशेवर प्रतिक्रिया दी।

अथॉरिटी की मदीना शाखा के कार्यवाहक महानिदेशक डॉ. उमर बिन हुसैन अल-अत्तास ने बताया कि मौके पर पहुँचते ही टीमों ने मरीज़ की चिकित्सा जाँच की, जिसमें हृदय और श्वसन रुकने की पुष्टि हुई। इसके बाद तुरंत मान्य चिकित्सा प्रोटोकॉल लागू किए गए, सीपीआर (कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू किया गया और एक अतिरिक्त सहायक एम्बुलेंस टीम भी भेजी गई।

उन्होंने कहा कि मौके पर उपचार के बाद मरीज़ को अस-साफ़िया हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहाँ रिससिटेशन सफल होने और नब्ज़ लौटने के बाद उन्हें वहाँ के चिकित्सा स्टाफ़ को सौंप दिया गया।

डॉ. अल-अत्तास ने कहा कि यह सफलता मेडिकल डिस्पैच सेंटर और एम्बुलेंस टीमों के बीच उच्च तत्परता और तालमेल तथा अथॉरिटी के कर्मचारियों की दक्षता और प्रशिक्षण को दर्शाती है। उन्होंने सभी से सहयोग करने और आपात स्थितियों की तुरंत सूचना देने की अपील की, क्योंकि इसका जान बचाने पर सीधा असर पड़ता है।

हरमैन आने वाले ज़ायरीन और सऊदी अरब में रहने वाले लोगों के लिए यह घटना याद दिलाती है कि किसी भी आपात स्थिति की तुरंत सूचना देना कितना अहम है।