दो पवित्र मस्जिदों के संरक्षक (ख़ादिम अल-हरमैन अल-शरीफ़ैन) के उमराह और ज़ियारत कार्यक्रम के तहत आए मेहमानों ने आज मक्का स्थित किंग अब्दुलअज़ीज़ काबा किसवा परिसर का दौरा किया। 1448 हिजरी के इस कार्यक्रम के चौथे समूह की यह यात्रा सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा थी, जिनका मक़सद मेहमानों को दोनों पवित्र मस्जिदों और वहाँ आने वालों की सेवा में सऊदी अरब के प्रयासों से परिचित कराना है।

मेहमानों ने काबा को ढकने वाले वस्त्र, किसवा, के बनने के सभी चरण देखे — कपड़े की तैयारी और रंगाई से लेकर बुनाई, कढ़ाई और अंतिम जोड़ाई तक। उन्हें इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और बारीक कलात्मक व शिल्प कौशल के बारे में बताया गया, और उन्होंने उन सऊदी विशेषज्ञों को काम करते देखा जो उच्चतम गुणवत्ता मानकों के अनुसार किसवा तैयार करते हैं।

मेहमानों ने कारीगरी की बारीकी की सराहना की और कहा कि इस दौरे से उन्हें काबा शरीफ़ की सेवा, उसके किसवा की देखभाल और दोनों पवित्र मस्जिदों की निरंतर देखरेख के लिए सऊदी अरब के प्रयासों को क़रीब से देखने का अवसर मिला।