विश्व प्रवासी पक्षी दिवस के अवसर पर किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ रॉयल रिज़र्व डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बताया कि सूटी फाल्कन रिज़र्व की सीमा के भीतर लगातार घोंसले बना रहा है। यह दस्तावेज़ीकरण प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए अथॉरिटी की पर्यावरण निगरानी का हिस्सा है।
सूटी फाल्कन उन दुर्लभ प्रवासी पक्षियों में से है जो सऊदी अरब में प्रजनन करते हैं। यह प्रवास और प्रजनन के मौसम में अफ्रीका और आसपास के इलाकों में स्थित अपने शीतकालीन ठिकानों से यहां पहुंचता है और गर्मियों से लेकर शरद ऋतु तक रुकता है।
यह पक्षी कुछ खास घोंसला स्थलों से जुड़ा रहता है और हर साल उन्हीं जगहों पर लौट सकता है। इसलिए इन स्थलों को खलल और खतरों से बचाना रिज़र्व में इसके सफल प्रजनन के लिए बेहद अहम है।
इस दस्तावेज़ीकरण का विशेष पर्यावरणीय महत्व है, क्योंकि सूटी फाल्कन को वैश्विक स्तर पर संवेदनशील (विलुप्ति के जोखिम वाली) प्रजाति और स्थानीय स्तर पर संकटग्रस्त प्रजाति माना जाता है।
