क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने जेद्दा में सऊदी मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, बैठक की शुरुआत में क्राउन प्रिंस ने मंत्रिमंडल को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ से मिले फ़ोन कॉल और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के साथ अपनी मुलाक़ात के बारे में जानकारी दी, जिनमें क्षेत्र के ताज़ा घटनाक्रम पर चर्चा हुई।
मंत्रिमंडल ने उस संगठन के हमलों की कड़ी निंदा की जिसे उसने "आतंकवादी हूती मिलिशिया" कहा, और कहा कि राज्य में नागरिकों और नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। मंत्रिमंडल ने ज़ोर दिया कि देश की सुरक्षा अटल सिद्धांत है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत उसे अपने नागरिकों, यहां रहने वाले निवासियों और अपनी संप्रभुता की रक्षा का वैध अधिकार है।
सूचना मंत्री सलमान अल-दोसरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित देश के रूप में सऊदी अरब की भागीदारी के नतीजों की समीक्षा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के 70वें आम सम्मेलन में सऊदी अरब के उस बयान का उल्लेख हुआ जिसमें देश को भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत बताया गया और राष्ट्रीय ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा शामिल करने की बात कही गई। मंत्रिमंडल ने रियाद में चल रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नैतिकता पर यूनेस्को के चौथे वैश्विक मंच के प्रतिभागियों का स्वागत भी किया।
बैठक में लिए गए फ़ैसलों में लघु और मध्यम उद्यमों व उद्यमिता के लिए राष्ट्रीय रणनीति को मंज़ूरी, निवेश मंत्रालय को धन शोधन विरोधी स्थायी समिति का सदस्य बनाना, और इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनल ऑडिटर्स के साथ मुख्यालय समझौते की स्वीकृति शामिल है।
मंत्रिमंडल ने कज़ाखस्तान के साथ खनिज संसाधन क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को मंज़ूरी दी, और आयरलैंड के साथ प्रत्यक्ष निवेश, कुवैत के साथ बीमा क्षेत्र तथा बहरीन के एक शोध केंद्र के साथ सहयोग पर समझौता ज्ञापनों पर बातचीत और हस्ताक्षर के लिए अधिकार दिए। सऊदी अरब में काम करने वाले छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए नई राष्ट्रीय रणनीति ख़ास महत्व रखती है।


