सऊदी अरब के शहर जेद्दा के उत्तरी कॉर्निश पर स्थित अल-रहमा मस्जिद उन स्थलों में से एक है जो शहर की तटीय पहचान से सबसे गहराई से जुड़े हैं।

समुद्र के ऊपर बनी होने के कारण इसे आम लोग ‘तैरती मस्जिद’ कहते हैं। दशकों के दौरान यह केवल एक अनोखी इमारत न रहकर उन संरचनाओं में शामिल हो गई है जो जेद्दा के समुद्री तट का स्वरूप तय करती हैं।

इसकी बनावट में इस्लामी स्थापत्य तत्वों और आधुनिक शैलियों का सुंदर मेल है। बीच में एक मुख्य गुंबद है, जिसके चारों ओर मेहराबें, छोटे गुंबद और सजावटी विवरण हैं, जबकि संतुलित अनुपात वाली मीनार इसके अग्रभाग को प्रभावशाली रूप देती है और आसपास के समुद्र से सामंजस्य बिठाती है।

यह मस्जिद शहरी पहचान का प्रतीक होने के साथ जेद्दा के सांस्कृतिक परिदृश्य का भी हिस्सा है। यह दिखाती है कि अपने पर्यावरण से घुल-मिल जाने वाली वास्तुकला किसी स्थान को उसका विशिष्ट चरित्र दे सकती है और आगंतुकों की यादों में हमेशा के लिए बस सकती है।

जेद्दा में रहने वाले या शहर घूमने आने वाले लोगों के लिए कॉर्निश पर यह मस्जिद समुद्र और इस्लामी कला को एक साथ देखने का अवसर देती है।