सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी की एम्बुलेंस टीमों ने रियाद में हृदय और सांस रुकने (कार्डियक व रेस्पिरेटरी अरेस्ट) के एक मामले में कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया। अथॉरिटी ने कहा कि यह अपनी आपातकालीन सेवाओं को विकसित करने और गंभीर मामलों में विश्व की आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां अपनाने के उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

अथॉरिटी को अल-विज़ारात इलाके के एक स्थान से सूचना मिली थी। वहां मैदानी एम्बुलेंस टीमों के साथ एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट) भी भेजा गया। टीमों ने स्वचालित तरीके से छाती दबाने वाली LUCAS मशीन के साथ सीपीआर शुरू किया।

इसके साथ ही "हेड-अप सीपीआर" उपकरण का भी उपयोग किया गया, जो सीपीआर के दौरान मरीज़ के सिर और गर्दन को ऊपर उठाता है। अथॉरिटी के अनुसार, उसकी प्रणाली में इस उपकरण का फ़ील्ड में यह पहला इस्तेमाल है, जो अस्पताल पहुंचने से पहले की आपातकालीन देखभाल की गुणवत्ता बढ़ाने वाली आधुनिक तकनीकें लाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अथॉरिटी ने बताया कि यह तकनीक एक एकीकृत व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे आपातकालीन चिकित्सा के नवीनतम अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप लगातार विकसित किया जा रहा है, ताकि टीमें तेज़ी और बेहतर गुणवत्ता के साथ गंभीर मामलों से निपट सकें।

रियाद में रहने वाले भारतीय समुदाय सहित सभी निवासियों के लिए इसका अर्थ है कि आपात स्थिति में मौके पर मिलने वाली जीवनरक्षक देखभाल और मज़बूत हो रही है। अथॉरिटी ने कहा कि वह जानें बचाने के लिए अपनी परिचालन क्षमताओं का विकास जारी रखेगी।